अस्पताल जाना अपने आप में ही एक मानसिक तनाव है और जब हमे लम्बी लाइन में लगना पड़ जाये तो यह समस्या दुगुनी हो जाती है। आज हम जानेंगे कि “आरोग्यवन : स्कैन और शेयर” के माध्यम से हम कैसे इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।
इसके मद्देनज़र हमारी सरकार लगातार काम कर रही है। अब आप आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत अक्टूबर 2022 में शुरू की गई ABHA-आधारित स्कैन और शेयर सेवाओं का उपयोग करके लम्बी कतारों से छुटकारा पा सकते हैं।
बहुत से ऐसे लोग हैं जिनको ABHA-आधारित स्कैन और शेयर के बारे में जानकारी नहीं है। लोगों में इसकी जागरूकता बढ़ने के लिए हमने इस ब्लॉग में सारी जानकारी उपलभ्ध करवाई है। आप इस ब्लॉग को पूरा पढ़ें और सरकार द्वारा दी गयी स्वस्थ्य सुविधा का लाभ उठायें।
स्कैन और शेयर के माध्यम से आप डिजिटल तरीके से ओपीडी परामर्श के लिए अपना टोकन प्राप्त कर सकते हैं।
यह एक कागज रहित सेवा विशेष रूप से शारीरिक रूप से विकलांग मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए एक शानदार परिवर्तन लेकर आई है। स्कैन और शेयर की मदद से अब सरकारी अस्पतालों में लंबी कतारों में खड़े होने और अपनी बारी का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है।
डिजिटल ओपीडी पंजीकरण (टोकन) कैसे प्राप्त करें?
यह प्रक्रिया बहुत ही सरल है। सभी सरकारी और ABDM से जुड़े स्वास्थ्य केंद्रों में, पंजीकरण काउंटर पर आपको एक क्यूआर कोड दिखेगा। क्यूआर कोड स्कैन करने के लिए, Aarogyaone ऐप डाउनलोड करें।
Aarogyaone एक एनएचए द्वारा स्वीकृत, ABDM से जुड़ा हुआ पीएचआर ऐप है। एक बार जब आप क्यूआर कोड स्कैन कर लेते हैं, तो आप अपना ओपीडी पंजीकरण टोकन प्राप्त कर सकते हैं।
- Aarogyaone ऐप डाउनलोड करें (app.aarogya.one)
- पंजीकरण काउंटर पर उपलब्ध क्यूआर कोड स्कैन करें
- डिजिटल ओपीडी पंजीकरण के लिए अपना टोकन प्राप्त करें
इसके अलावा, ऑनलाइन पंजीकरण के लिए यह सुनिश्चित करें कि आपका ABHA खाता बनाया गया हो। अधिक जानकारी के लिए आप हमारा ब्लॉग पढ़ सकते हैं: “ABHA कैसे बनाएं?”
स्कैन और शेयर के कुछ रोचक तथ्य :
एनएचए (NHA) ने ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण के लिए 4 करोड़ से अधिक ओपीडी टोकन बनाने का प्रभावशाली मील का पत्थर प्राप्त किया है।
इसके अलावा, 5435 से अधिक अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं में स्कैन और शेयर सेवा उपलब्ध है। औसतन, 1.3 लाख लोग इस फीचर का उपयोग करके ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण के लिए अपने टोकन बना रहे हैं।
फिर आप पीछे को हैं? आप भी डिजिटल सशक्तिकरण का लाभ उठायें और बाकी अन्य लोगों में भी इसके जागरूकता फैलाएं।
स्कैन और शेयर के लाभ
अस्पतालों की लंबी कतारों से दूर रहें : सरकारी अस्पतालों की भीड़ से कोई भी अनजान नहीं है। साथ ही लंबी कतारों में खड़ा होना वास्तव में कष्टदायी और तनावपूर्ण है। “स्कैन और शेयर” फीचर का उपयोग करके आप अपना टोकन ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं और अपना तनाव थोड़ा कम कर सकते हैं
सटीक जानकारी का आदान प्रदान : मैनुअल पंजीकरण के दौरान हम कभी-कभी नाम या अन्य विवरण में गलत जानकारी दे सकते हैं लेकिन स्कैन और शेयर की मदद से, सभी सटीक विवरण स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ साझा किए जाएंगे।
शीघ्र ओपीडी पंजीकरण: स्कैन और शेयर के साथ, उपयोगकर्ता कुछ ही क्लिक में अपना ओपीडी अपॉइंटमेंट प्राप्त कर सकते हैं।
पंजीकरण के दौरान अधिक सवाल नहीं: मैनुअल प्रक्रिया के विपरीत, स्कैन और शेयर के साथ, आपसे अधिक सवाल नहीं पूछे जाएंगे क्योंकि आपके स्वास्थ्य रिकॉर्ड पहले से ही ABHA से जुड़े हुए हैं। आपको बस अपना टोकन नंबर और वर्तमान स्वास्थ्य समस्या साझा करनी होगी।
मेडिकल लैब्स के लिए ऑनलाइन बुकिंग: सरकार ने मेडिकल लैब्स के लिए भी स्कैन और शेयर फीचर शुरू कर दिया है और आप अपने टेस्ट्स के लिए अपॉइंटमेंट भी बुक कर सकते हैं।
निष्कर्ष:
आरोग्यवन : स्कैन और शेयर, हमारे लाभ के लिए बनाया गया है और हमें डिजिटलाइजेशन की शक्ति का लाभ उठाना चाहिए। लंबी कतारों को छोड़ें और आराम से अपनी अगली ओपीडी परामर्श के लिए टोकन बुक करें।
और हाँ ! क्यूआर कोड स्कैन करने के लिए Aarogyaone ऐप डाउनलोड करना न भूलें!


Book Appointment (Skip the Queue): One of the best benefits offered by ABHA Card is online OPD registration in any government hospital/facility. Using the app, one can generate online tokens without worrying about the long queues.
Aarogyaone is a NHA-approved & ABDM-integrated PHR app where through which the ABHA card can be generated effortlessly.
As its name, PHR manages patient’s personal health information such as prescriptions, lab reports, medications, medical history, medical events, allergies etc. With the foundation of PHR apps like Aarogyaone, patients can access their health records anytime anywhere. Also, they have full control of the medical records. They can update their health information and share the reports with doctors with their consent.


Here are the major points that support the need for a digital health wallet in our healthcare system



